चंदा जुटाकर श्रमदान से सड़क सुधार में जुटे लोग
चार करोड़ का टेंडर, फिर भी सड़क अधूरी! मजबूर वार्डवासियों ने खुद संभाला मोर्चा

चार करोड़ का टेंडर, फिर भी सड़क अधूरी! मजबूर वार्डवासियों ने खुद संभाला मोर्चा
सिंगरौली जिले नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदिरा चौक नवजीवन विहार से तेलगवां तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर जारी होने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान वार्डवासियों ने आखिरकार खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। नगर निगम के वार्ड क्रमांक क्षेत्र में जर्जर सड़क के कारण लंबे समय से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों और उबड़-खाबड़ मार्ग से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चंदा जुटाकर श्रमदान से सड़क सुधार में जुटे लोग
सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज वार्डवासियों ने ठेकेदार या प्रशासन का इंतजार करने के बजाय स्वयं पहल की। वार्ड पार्षद प्रेमसागर मिश्रा के नेतृत्व में लोगों ने आपस में सहयोग राशि जुटाई और श्रमदान कर सड़क को चलने लायक बनाने का काम शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये का टेंडर जारी हो चुका है तो फिर निर्माण कार्य में देरी क्यों की जा रही है। जनता रोजाना परेशानी झेल रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
“जनता की परेशानी देखकर उठाया कदम”
वार्ड पार्षद प्रेमसागर मिश्रा ने कहा कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन टेंडर जारी होने के बाद भी मौके पर काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “लोगों की परेशानी को देखते हुए मजबूरी में वार्डवासियों को स्वयं आगे आना पड़ा। यह स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन कम से कम लोगों को तत्काल राहत मिल सके, इसलिए सड़क सुधार का कार्य शुरू किया गया है।”
निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र काम प्रारंभ नहीं हुआ तो एनटीपीसी गेट के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वार्डवासियों का कहना है कि चार करोड़ रुपये के टेंडर के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।



