खदान में ‘रील’ बनाने पहुंचे युवक पर कार्रवाई, NCL खड़िया प्रबंधन ने थार की एंट्री रोकी
आउटसोर्सिंग कर्मचारी के अकाउंट से पोस्ट होने का दावा

खदान में ‘रील’ बनाने पहुंचे युवक पर कार्रवाई, NCL खड़िया प्रबंधन ने थार की एंट्री रोकी
सोनभद्र/सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की खड़िया परियोजना के खदान क्षेत्र से सामने आई एक युवक की फोटो-वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। खदान क्षेत्र में थार वाहन के साथ युवक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला परियोजना प्रबंधन के संज्ञान में आया। मामले की जानकारी मिलते ही परियोजना अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन की खदान क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति रद्द कर दी।वायरल तस्वीरों में युवक थार वाहन के साथ खदान क्षेत्र में नजर आ रहा है। तस्वीरों में युवक द्वारा हेलमेट, सेफ्टी शूज और डस्ट मास्क जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पहने होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खदान क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए यह मामला सुरक्षा नियमों और प्रवेश व्यवस्था से जुड़ा माना जा रहा है।
जानकारी मिलते ही प्रबंधन ने रद्द की वाहन परमिशन
मामले में जब परियोजना अधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित वाहन की परमिशन रद्द करने की कार्रवाई की। प्रबंधन की इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन अथवा निर्धारित प्रक्रिया से अलग गतिविधियों को लेकर प्रबंधन गंभीर है।
हालांकि, अब यह सवाल भी सामने है कि आखिर संबंधित निजी वाहन को खदान क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति किस आधार पर मिली और प्रवेश के समय सुरक्षा मानकों की जांच किस स्तर पर की गई।
आउटसोर्सिंग कर्मचारी के अकाउंट से पोस्ट होने का दावा
पड़ताल के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार वायरल तस्वीरें एनसीएल खड़िया परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी एस.ए. यादव के कर्मचारी आनंद पटेल के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, तस्वीरों की परिस्थितियों और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा को लेकर पहले भी दिया जाता रहा है जोर
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एनसीएल खड़िया परियोजना में खदान सुरक्षा से संबंधित राष्ट्रीय आयोजन हुआ था, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया गया था। ऐसे समय में खदान क्षेत्र से इस तरह की तस्वीरें सामने आने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई।
खदान क्षेत्र में निजी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। ऐसे में प्रबंधन द्वारा वाहन की अनुमति तत्काल रद्द किए जाने की कार्रवाई को मामले में अहम कदम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि प्रबंधन वायरल फोटो-वीडियो से जुड़े पूरे मामले की आंतरिक जांच कराता है या नहीं और यह भी स्पष्ट होता है कि वाहन को खदान क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई थी।



