दमोह में आत्महत्या मामले पर बवाल: परिजन अस्थियां लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट, न्याय की गुहार
जिले के रनेह में एक महिला नर्स द्वारा कथित मारपीट के बाद आत्महत्या करने वाले 23 वर्षीय महेंद्र लोधी के परिजन बुधवार शाम को हिंडोरिया से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे।

“दमोह में आत्महत्या मामले पर बवाल: परिजन अस्थियां लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट, न्याय की गुहार
दमोह जिले के रनेह में एक महिला नर्स द्वारा कथित मारपीट के बाद आत्महत्या करने वाले 23 वर्षीय महेंद्र लोधी के परिजन बुधवार शाम को हिंडोरिया से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। मृतक की पत्नी और मासूम बच्चे के साथ परिजनों ने यहां मृतक की अस्थियां लेकर प्रदर्शन किया। न्याय की मांग करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ और हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन रैली में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण शामिल थे, जो कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे धरने पर बैठे रहेंगे।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में शहर के प्रमुख चौराहों पर रैली को रोकने का प्रयास किया गया। कलेक्ट्रेट के चारों ओर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन उग्र प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए परिसर में प्रवेश कर गए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम आर.एल. बांगरी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय पर महिला नर्स पर कार्रवाई होती, तो मृतक की पत्नी और मासूम बच्चे को न्याय की गुहार लगाने नहीं आना पड़ता।
यह मामला पिछले जून महीने का है जब महेंद्र लोधी और रनेह स्वास्थ्य केंद्र की नर्स नीलिमा यादव के बीच विवाद हुआ था। महेंद्र का आरोप था कि नर्स ने उनकी गर्भवती पत्नी का इलाज नहीं किया और विरोध करने पर यात्री बस को रोककर उनके साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद रनेह थाने में दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया गया था।
प्रमुख मांगें:
मृतक की विधवा को सरकारी नौकरी दी जाए।
रनेह थाना प्रभारी को हटाया जाए और उन पर केस दर्ज किया जाए।
मारपीट करने वाली नर्स को नौकरी से निकाला जाए।
दमोह कलेक्टर ने कहा कि लोगों को अपने घर जाने का बोल दीजिए, मैं आपके परिवार से बात करता हूँ। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने घटना के बाद कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर नर्स नीलम यादव को एक स्थान से हटाकर दूसरी जगह भेज दिया और उनकी एक साल की वेतन वृद्धि को भी रोक दिया गया था। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।













