ग्राम गोरा में हुई अंधीहत्या का पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गहन विवेचना कर इस जघन्य अपराध का खुलासा किया।
ग्राम गोरा में हुई अंधीहत्या का पुलिस ने किया खुलासा
दिनांक – 11 सितम्बर 2025, थाना सरई, जिला सिंगरौली (म.प्र.)
सिंगरौली पुलिस ने ग्राम गोरा थाना सरई क्षेत्र में हुई अंधीहत्या का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को चिन्हित किया है। पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गहन विवेचना कर इस जघन्य अपराध का खुलासा किया।
घटना का विवरण
फरियादी पवन कुमार साहू ने 07 जुलाई 2025 को थाना सरई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई पुष्पेन्द्र साहू (निवासी ग्राम गोरा) 06 जुलाई की रात घर से अपनी पाही पर सोने गया था लेकिन अगली सुबह वह लापता मिला। खोजबीन के दौरान 19 जुलाई को गोरा जंगल के खरहरी नाले से एक नर कंकाल बरामद हुआ। डीएनए परीक्षण में यह पुष्पेन्द्र का ही होना पाया गया। इसके बाद थाना सरई में अज्ञात आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
हत्या का कारण
जांच में सामने आया कि मृतक पुष्पेन्द्र साहू से व्यक्तिगत रंजिश रखने वाले चार आरोपी—रावेन्द्र साहू (प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद)
रामकुमार साहू व विजय साहू (आत्महत्या दुष्प्रेरण प्रकरण को लेकर रंजिश)
धीरज साहू (महिला से बातचीत को लेकर नाराजगी)
ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
06 जुलाई की रात आरोपियों ने पुष्पेन्द्र पर पाही के पास हमला कर उसके गले में गमछा लपेटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को खरहरी नाला ले जाकर गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। मृतक का मोबाइल और चप्पल भी घटना स्थल से दूर छिपा दिए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी
1. रावेन्द्र साहू, ग्राम गोरा
2. धीरज साहू, ग्राम गोरा
वहीं रामकुमार साहू और विजय साहू पहले से ही अन्य प्रकरण (धारा 306 IPC) में जेल में निरुद्ध हैं।
बरामद सामान
गमछा मोटरसाइकिल फावड़ा तीन मोबाइल फोन
पुलिस टीम का योगदान
रीवा ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक रंजन के मार्गदर्शन में गठित SIT ने इस अंधीहत्या की गुत्थी सुलझाई।
नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर श्री पी.एस. परस्ते के नेतृत्व में अनेक थाना व चौकी प्रभारी, उप निरीक्षक व आरक्षकों ने मिलकर इस प्रकरण में सराहनीय भूमिका निभाई।
यह सफलता सिंगरौली पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और टीमवर्क का परिणाम है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का गंभीर अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।













