कांग्रेस संगठनात्मक फेरबदल से बढ़ी ब्राह्मण नेताओं की नाराज़गी
चिंतन शिविर में लामबंद होकर पार्टी नेतृत्व पर साधा निशाना

कांग्रेस संगठनात्मक फेरबदल से बढ़ी ब्राह्मण नेताओं की नाराज़गी
चिंतन शिविर में लामबंद होकर पार्टी नेतृत्व पर साधा निशाना
सिंगरौली। कांग्रेस पार्टी के हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद जिले में पार्टी की स्थिति डगमगाती नज़र आ रही है। खासकर ब्राह्मण वर्ग से जुड़े वरिष्ठ नेताओं में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी से दूरी बना रहे इन दिग्गज नेताओं ने अब कांग्रेस ब्राह्मण चिंतन शिविर में शामिल होकर शीर्ष नेतृत्व की चिंता और बढ़ा दी है।गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हाल ही में जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी। सिंगरौली शहर में प्रवीण सिंह चौहान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि ग्रामीण सिंगरौली का जिम्मा पूर्व विधायक सरस्वती सिंह को सौंपा गया है। इस फैसले से असंतुष्ट ब्राह्मण नेताओं का कहना है कि जिले में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या अन्य वर्गों की तुलना में अधिक है, बावजूद इसके संगठनात्मक समीकरण में उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
नेताओं का यह भी तर्क है कि देवसर और चितरंगी विधानसभा सीटें आरक्षित होने से संगठन में ब्राह्मणों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। परंतु हालिया नियुक्तियों में पिछड़ा वर्ग और अन्य समुदायों को प्राथमिकता दी गई, जिससे ब्राह्मण नेताओं की नाराज़गी और गहरा गई है।
अब कांग्रेस से जुड़े ये असंतुष्ट ब्राह्मण नेता चिंतन शिविर में एकजुट होकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि यदि स्थिति जल्द नहीं संभली तो कांग्रेस को जिले में ब्राह्मण वोट बैंक खिसकने का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।













