सिंगरौली में रेत ठेकेदार साकार ग्लोबल के गुंडों का आतंक, देवरा ग्राम में महिला के घर में घुसकर हमला
आरोप है कि थाना प्रभारी ने एकतरफा कार्यवाही करने के बजाय दोनों पक्षों पर FIR दर्ज कर दी
सिंगरौली में रेत ठेकेदार साकार ग्लोबल के गुंडों का आतंक, देवरा ग्राम में महिला के घर में घुसकर हमला
सिंगरौली।
जिले में रेत उत्खनन का जिम्मा संभालने वाली साकार ग्लोबल कंपनी और उसके गुर्गों के आतंक का एक और मामला सामने आया है। देवरा ग्राम में कंपनी के लोगों ने एक किसान महिला के घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ और मारपीट की। पीड़िता का कहना है कि उसने रेत कारोबार से कभी कोई संबंध नहीं रखा, इसके बावजूद कंपनी के गुंडों ने घर में आकर हमला बोला।
जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो से पहुंचे साकार ग्लोबल के आदमियों ने महिला से रेत के संबंध में पूछताछ शुरू की। जब महिला ने अनभिज्ञता जताई और बताया कि उसका रेत कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है, तभी गुंडे उग्र हो गए। देखते ही देखते उन्होंने घर में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी और मारपीट पर उतारू हो गए। इस घटना से महिला और उसका परिवार दहशत में आ गया।
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर बैढ़न कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन यहां भी उसे न्याय की जगह दोहरी मार झेलनी पड़ी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने एकतरफा कार्यवाही करने के बजाय दोनों पक्षों पर FIR दर्ज कर दी। यानी पीड़ित महिला और उसके परिवार पर भी अपराध पंजीबद्ध हो गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह बेहद निंदनीय और हैरान करने वाली स्थिति है। “हमने न तो कभी रेत का कारोबार किया और न ही किसी अवैध खनन में शामिल रहे। हम तो सिर्फ किसान हैं, लेकिन हमारे घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई और अब हम पर ही मुकदमा कायम कर दिया गया। ऐसे में हम मार भी खाएं और न्याय के लिए चक्कर भी लगाएं।” – पीड़िता ने कहा। गांव वालों का कहना है कि साकार ग्लोबल के गुंडे आए दिन इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। खुलेआम घरों में घुसकर मारपीट करना, धमकाना और तोड़फोड़ करना आम बात हो गई है। कई बार पहले भी जानलेवा हमले किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि अगर साकार ग्लोबल को सरकार ने रेत उत्खनन और सप्लाई की ठेकेदारी दी है तो उनका काम सिर्फ उत्खनन क्षेत्र और स्टॉक की सुरक्षा करना होना चाहिए, न कि गांव-गांव जाकर आम नागरिकों के घरों में घुसकर गुंडागर्दी करना। सवाल यह भी उठता है कि आखिर पुलिस और खनिज विभाग की जिम्मेदारी क्या है? अगर ठेकेदार और उसके गुंडे ही सब काम देख रहे हैं, तो फिर प्रशासन की भूमिका कहां है? लोगों का कहना है कि पुलिस की शह पर ही इन ठेकेदारों का हौसला बुलंद होता जा रहा है। थाना स्तर पर मामले को दबाने और रफा-दफा करने का आरोप भी पुलिस पर लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिरकार क्या सरकार ने इन ठेकेदारों और उनके आदमियों को लोगों के घरों में घुसकर मारपीट करने का अधिकार दे रखा है? इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि साकार ग्लोबल के गुंडों पर सख्त कार्रवाई हो और झूठे मुकदमे से उन्हें मुक्त किया जाए। साथ ही यह भी सवाल अब तेज हो गया है कि जिले में रेत कारोबार और उससे जुड़े माफियाओं पर आखिरकार कब लगाम कसेगी सरकार और प्रशासन?













