सिंगरौली नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार और लापरवाही का बड़ा मामला..
8 लाख का टेंडर 5 लाख में हुआ कार्य शुरू.. वार्ड 41 की सड़क निर्माण कार्य पर उठे सवाल..

सिंगरौली नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार और लापरवाही का बड़ा मामला..

8 लाख का टेंडर 5 लाख में हुआ कार्य शुरू..
वार्ड 41 की सड़क निर्माण कार्य पर उठे सवाल..

सिंगरौली जिले में नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 41 गनियारी स्थित विशाल मेगावाट के पीछे बन रही सड़क को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग 8 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को महज 5 लाख रुपए में ही ठेकेदार द्वारा पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब गुणवत्ता विहीन कार्य पर स्थानीय निवासियों ने विरोध जताते हुए निर्माण कार्य को बीच में ही रुकवा दिया। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कुछ ही महीनों में यह सड़क टूट-फूट जाएगी।
ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत का आरोप..
स्थानीय नागरिकों ने खुलासा किया कि ठेकेदार और नगर पालिक निगम के इंजीनियर आपसी मिलीभगत से सड़क का बिल पास कराने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल बिल भुगतान कराने और लाभ कमाने के लिए किया जा रहा है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई नहीं जांच…
गंभीर आरोपों और विरोध के बावजूद, नगर पालिक निगम सिंगरौली की कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने महज खानापूर्ति कर मामले को फाइलों में दबा दिया। न तो किसी उच्च अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, और न ही ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही की गई सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल और अधिकारियों की चुप्पी ने वार्ड 41 के नागरिकों को आक्रोशित कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब 8 लाख की लागत स्वीकृत हुई थी तो फिर महज 5 लाख रुपए में काम कैसे पूरा हो रहा है? कहीं न कहीं इसमें भ्रष्टाचार की बू साफ झलक रही है।
प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिह्न….
नगर निगम प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में विकास कार्यों पर जनता का भरोसा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। वार्ड 41 की यह सड़क निर्माण विवाद नगर निगम सिंगरौली की कार्यशैली और ठेकेदार-इंजीनियर की मिलीभगत को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इन सभी मामलों को लेकर वार्ड 41 के पार्षद गौरी अर्जुन दास गुप्ता से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम मौके पर जाकर देखेंगे और गुणवत्ता विहीन कार्य हुआ है तो हम कमिश्नर को लेटर लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे













