क्राइमखास खबरमध्य प्रदेशसिंगरौली

सिंगरौली में नियमों को ताक पर रख रेत खनन, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य..

सहकार ग्लोबल के सामने प्रशासन बेबस...? 

सहकार ग्लोबल के सामने प्रशासन बेबस…? 

सिंगरौली में नियमों को ताक पर रख रेत खनन, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य..

सिंगरौली संवाददाता 

सिंगरौली ऊर्जा धानी के रूप में पहचान रखने वाला मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला इन दिनों रेत खनन को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में संचालित सहकार ग्लोबल कंपनी पर नियमों के विपरीत रेत खनन करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार शिकायतों और आवेदनों के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, सहकार ग्लोबल द्वारा जिले की विभिन्न नदियों को लीज पर लेकर बड़े पैमाने पर रेत खनन किया जा रहा है। आरोप है कि खनन कार्य निर्धारित मापदंडों और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदियों से जरूरत से अधिक रेत निकाली जा रही है, जिससे जलस्तर प्रभावित हो रहा है और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति बन रही है।

ओवरलोड वाहनों से बढ़ी समस्या..

रेत खनन के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी विवादों के घेरे में है। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के जरिए रेत का परिवहन किया जा रहा है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आमजन को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार इन वाहनों की वजह से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शिकायतें बनी फाइलों की शोभा…..?

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस पूरे मामले को लेकर जिला कलेक्टर से लेकर खनिज विभाग तक कई बार लिखित शिकायतें की जा चुकी हैं। बावजूद इसके, इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि शिकायतें सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाती हैं और फाइलों में दबकर रह जाती हैं। सबसे बड़ा सवाल खनिज विभाग की निष्क्रियता को लेकर उठ रहा है। विभागीय अधिकारियों की ओर से न तो मौके पर निरीक्षण की ठोस जानकारी सामने आई है और न ही किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं मिलीभगत के चलते नियमों की अनदेखी की जा रही है। जिसे जनता के बीच समस्याओं के समाधान न होने से क्षेत्रीय जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

क्या मुख्यालय में बैठे जिम्मेदार लेंगे संज्ञान..?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रदेश स्तर पर बैठे अधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेंगे या फिर सिंगरौली में इसी तरह नियमों की अनदेखी जारी रहेगी। जनता की निगाहें अब भोपाल मुख्यालय की ओर टिकी हुई हैं, जहां से किसी ठोस हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। सिंगरौली में रेत खनन का यह मामला केवल अवैध उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक निष्क्रियता और व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके दूरगामी प्रभाव पर्यावरण और आम जनजीवन दोनों पर गंभीर रूप से पड़ सकते हैं।

Author

  • 'देश दस्तक समाचार' एक भरोसेमंद चैनल है जो जनता की आवाज़ को बुलंद करता है। यह चैनल निष्पक्ष, ताज़ा और ज़मीनी हकीकत से जुड़ी खबरें दिखाने के लिए समर्पित है। देश के हर कोने से विश्वसनीय और सच्ची रिपोर्टिंग इसकी पहचान होगी।

DD NEWS

'देश दस्तक समाचार' एक भरोसेमंद चैनल है जो जनता की आवाज़ को बुलंद करता है। यह चैनल निष्पक्ष, ताज़ा और ज़मीनी हकीकत से जुड़ी खबरें दिखाने के लिए समर्पित है। देश के हर कोने से विश्वसनीय और सच्ची रिपोर्टिंग इसकी पहचान होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button