नगर परिषद बरगवां की कार्रवाई बनी दिखावा, अतिक्रमण फिर लौटा सड़कों पर
अधिकारियों की लापरवाही से आमजन हो रहे परेशान, सीएमओ पर उठे सवाल

नगर परिषद बरगवां की कार्रवाई बनी दिखावा, अतिक्रमण फिर लौटा सड़कों पर
अधिकारियों की लापरवाही से आमजन हो रहे परेशान, सीएमओ पर उठे सवाल


सिंगरौली। नगर परिषद बरगवां की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुछ दिन पूर्व नगर परिषद द्वारा सड़कों के किनारे दुकानें लगाने वाले पथ विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई थी और उन्हें चेतावनी दी गई थी कि मुख्य मार्गों पर कोई भी अतिक्रमण न करें। लेकिन यह कार्रवाई कुछ ही दिनों की दिखावटी साबित हुई और अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। सड़कों पर दोबारा ठेले, खोमचे और दुकानों का कब्जा जम गया है, जिससे राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खुद की तारीफ में मशगूल अधिकारी
नगर परिषद बरगवां में नए सीएमओ के पदभार संभालने के बाद प्रारंभिक दिनों में उनकी सख्त कार्यशैली की काफी चर्चा रही, लेकिन अब यह केवल बातों तक सीमित दिख रही है। सीमित स्तर पर की गई छोटी-छोटी कार्रवाइयों को ही उपलब्धि बताकर अधिकारी खुद की पीठ थपथपाते नजर आ रहे हैं।
जनसमस्याओं से ज्यादा मेहमाननवाजी में व्यस्त सीएमओ
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद के नए सीएमओ अंकित उक्के आम जनता की समस्याओं की बजाय बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मेहमाननवाजी में अधिक समय दे रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि आम लोगों को अपनी शिकायत लेकर मिलने का अवसर तक नहीं मिल पाता।
पत्रकारों से भी नहीं करते संवाद
पत्रकारों का कहना है कि किसी मामले पर जानकारी या बयान लेने के लिए जब वे सीएमओ से मुलाकात करना चाहते हैं, तो घंटों इंतजार के बाद भी उनसे भेंट नहीं हो पाती। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि सीएमओ मीडिया से संवाद करना भी उचित नहीं समझते।
ढिलाई से बढ़ रहा अतिक्रमण, बिगड़ रही व्यवस्था
नगर परिषद की ढिलाई और दिखावटी कार्यवाहियों के चलते शहर में अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ रही है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि नगर की सुंदरता और व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।













