ऑटो चालक से अवैध वसूली और मारपीट का मामला पहुंचा कोतवाली थाना… पत्नी , बच्चों के सामने ही रज्जू सिंह ने ऑटो चालक के साथ की मार पीट..
परिवार के सामने की गई गाली गलौज मारपीट पत्नी चिकती रहे बच्चे रोते रहे..

ऑटो चालक से अवैध वसूली और मारपीट का मामला पहुंचा कोतवाली थाना… पत्नी , बच्चों के सामने ही रज्जू सिंह ने ऑटो चालक के साथ की मार पीट..

सिंगरौली। बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के अम्बेडकर चौक पर आज एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऑटो चालकों से की जा रही अवैध वसूली और गुंडागर्दी का मुद्दा फिर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि ऑटो चालकों से लंबे समय से अवैध वसूली करने वाला रज्जू सिंह एक बार फिर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और इस बार उसने न सिर्फ वसूली की बल्कि परिवार के साथ जा रहे एक ऑटो चालक की पिटाई भी कर दी।
परिवार के सामने की गई गाली गलौज मारपीट पत्नी चिकती रहे बच्चे रोते रहे..
पीड़ित ऑटो चालक जितेंद्र शाह अपने बीवी-बच्चों के साथ घर की ओर जा रहा था। तभी अम्बेडकर चौक के पास वसूली करने वाला रज्जू सिंह वहां पहुंच गया। उसने पहले ऑटो चालक से 20 रुपये की पर्ची देते हुए वसूली की, जो नगर पालिका निगम सिंगरौली के नाम पर बताई जा रही थी। इसके बाद उसने परिवार को देखकर मां-बहन की गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं जिसको ऑटो चालक द्वारा विरोध करने पर रज्जू सिंह ने उस पर हमला कर दिया। कहा जा रहा है कि मारपीट इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए कि एक वसूली करने वाला किस हद तक गुंडागर्दी कर सकता है। ऑटो चालक अपने परिवार के सामने अपमानित महसूस करता रहा, जबकि आरोपी लगातार हंगामा करता रहा।
कोतवाली में दर्ज कराई शिकायत, जान-माल की सुरक्षा की मांग..
इस पूरे घटनाक्रम से आहत ऑटो चालक जितेंद्र शाह सीधे बैढ़न कोतवाली पहुंचे और आरोपी रज्जू सिंह के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने जान-माल की सुरक्षा देने की अपील की है जितेंद्र शाह ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर नगर पालिका निगम सिंगरौली ने ऑटो चालकों से वसूली के लिए कौन सी सीमा रेखा तय की है?
कितनी राशि और किस नियम के तहत ली जानी है? क्या वाकई में यह वसूली अधिकृत है? उन्होंने कहा कि अवैध वसूली बंद होनी चाहिए, और यदि कोई वसूली होती है तो वह स्पष्ट नियमों के तहत हो, न कि गुंडागर्दी के बल पर।
जिम्मेदार अधिकारियों पर उठे सवाल..
इस घटना के सामने आने के बाद नगर पालिका निगम सिंगरौली के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या नगर निगम के नाम पर वसूली का अधिकार किसी निजी व्यक्ति को दिया गया है? यदि नहीं, तो रज्जू सिंह लंबे समय से यह वसूली कैसे कर रहा है? क्या प्रशासन इस पर पहले से आंखें मूंदे हुए था? अब सबकी निगाहें नगर पालिका निगम सिंगरौली के जिम्मेदार अधिकारियों, नगर निगम कमिश्नर और बैढ़न कोतवाली थाना प्रभारी पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं।
क्या होगा आगे? कार्रवाई या कागज़ी खानापूर्ति?
फिलहाल इस घटना से ऑटो चालकों में रोष व्याप्त है। वे मांग कर रहे हैं कि अवैध वसूली और मारपीट जैसे मामलों को सख्ती से रोका जाए, अन्यथा आम आदमी का सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाएगा। अब क्या पुलिस आरोपी रज्जू सिंह पर कड़ी कार्रवाई करती है
या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाता है?













